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Friday, December 31, 2010

आया नया साल है...

आया नया साल है, सब कुछ बेमिसाल है
कई जगह हड़ताल है. आया नया साल है

हो रहा बलात्कार है, भ्रष्टाचारी मालमाल है।
मर रहा आम इन्सान है, आया नया साल है

संसद में मचा बवाल है, जेपीसी का सवाल है
विपक्ष बड़ा वाचाल है, आया नया साल है

महंगाई ने किया लाल है, प्याज का भी ख्याल है,
सबसे मंहगी बेचारी दाल है, आया नया साल है

बढ़ रहा शिकार है, नेता बना पिशाच है
खा रहा इंसान है, आया नया साल है

राजनीति की बिसात है, जी का बना जंजाल है
लुट रहा समाज है, आया नया साल है

बढ़ रहा पाप है, सो रहा है भगवान है
थक रहा इन्सान है, आया नया साल है

Thursday, October 14, 2010

सवाल

क्यूं दिल की बात लबों पर आकर ठहर जाती है
कयूं दिल की आवाज़ मुझे हिलाती है

हर पल उसकी याद साथ होती है
फिर क्यूं भरी महफिल में अकेला कर जाती है

मन में उसी की नाम गूंजता है
दिल उसी के लिए धड़कता है

क्या उसे भी पता चलता है
जानता हूं वो सब समझती है फिर क्यूं वो अनजान दिखाई देती है

यही बात खटकती है
क्यूं वो दूर-दूर रहती है

क्यूं उसकी मुस्कुराहट मेरे करीब नहीं होती है
क्या उसके भी दिल की धड़कन मेरी आवाज से तेज होती है
अगर ये सब सच है तो क्यूं वो अपने कदमों को रोकती है..

Tuesday, October 12, 2010

तेरे नाम...

मत भेज कोई पैगाम, हम इंतजार में जी लेंगे
तेरे दिए ज़ख्म हंसकर सह लेंगे
जहां तेरी जुदाई सही है, वहां ये गम भी सह लेंगे
अब तो आदत सी हो गई है तेरी याद में तड़पने की
दिल में लगी है आग, बस तुझे एक बार देखने की
तेरी खूबसुरती का दिदार चाहता हूं, मैं उम्र भर तेरा प्यार चाहता हूं
तेरे सपनों में खोया हुआ हूं, तेरी याद में खोया हुआ हूं
फिर से उसी खूबसूरत नजर से देख मुझे, या आकर कत्ल कर मुझे
आज भी याद है, वो पहली घड़ी जब तुने अपनी नजरों से मेरे दिल को छुआ था
उस वक्त मेरे दिल में प्यार का तूफान उठ खड़ा हुआ था
हर तरफ तू ही नजर आती है,तेरी खूबसूरती एक प्यास जगाती है
बस अब ओर क्या बयान करूं, एक तू कह कर तो देख
अपनी जान तुझ पर वार दूं.....